नगालैंड यूनिवर्सिटी की बड़ी उपलब्धि: मछली के कचरे से बनी बायोडिग्रेडेबल बायोपॉलिमर, माइक्रोप्लास्टिक…
सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
लुमामी(नगालैंड)। नगालैंड यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में कई संस्थानों की संयुक्त रिसर्च टीम ने एक क्रांतिकारी बायोडिग्रेडेबल बायोपॉलिमर विकसित किया है, जो पारंपरिक प्लास्टिक का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन सकता है। यह सामग्री माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण की वैश्विक समस्या से…
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