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राजनीति

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ा सवाल: क्या पूरे होंगे महंगे वादे?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को हटाकर भाजपा ने सरकार बना ली है। इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब सभी की नजरें नई सरकार के चुनावी वादों और राज्य की आर्थिक स्थिति पर टिक गई हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि सीमित संसाधनों और भारी कर्ज…
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मतगणना से पहले बवाल—CM ममता EVM सेंटर पहुंचीं, क्या है मामला?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से ठीक पहले सियासी माहौल बेहद गर्म और तनावपूर्ण हो गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच ईवीएम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक…
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Panjab : 2027 के रण में अब ‘साख’ और ‘सत्ता’ के बीच होगा कड़ा मंथन    

कृति सिंह, नई दिल्ली। पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा भूचाल आया हुआ है। आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों का अचानक भाजपा में शामिल होना महज एक दलबदल नहीं है, बल्कि यह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बिछी एक गहरी बिसात है। वर्तमान में चंडीगढ़ के सत्ता गलियारों की हलचल को देखें तो…
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जनता की ताक़त, बंगाल की पहचान

(आफरीन हुसैन) हर साल 1 जनवरी को पश्चिम बंगाल की राजनीति सिर्फ़ एक नया कैलेंडर नहीं पलटती बल्कि एक आंदोलन, एक भावना और एक राजनीतिक संकल्प को दोहराया जाता है। यही दिन है जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने स्थापना दिवस को केवल एक पार्टी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन के उत्सव के रूप में मनाती है। 1998 में…
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‘राम’ के उपासक महात्मा गांधी का नाम मनरेगा से हटाने के मायने!

डा.श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट  मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें पूरा देश राष्ट्रपिता के रूप में या फिर महात्मा गांधी के रूप में जानता है,को जब सिरफिरे नाथूराम गोड़से ने उनकी प्रार्थना सभा के बाद उन्हें गोली मारी तो बापू दर्द से करराहे नही बल्कि उनके मुख से एक ही शब्द निकला,'हे राम' इसी शब्द ने बापू को अमर…
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मेस्सी विवाद: पैसा, सत्ता और 2026 से पहले तमाशे की राजनीति

आफरीन हुसैन कोलकाता में आयोजित लियोनेल मेसी का कार्यक्रम अब एक खेल उत्सव से कहीं आगे बढ़कर एक ऐसे राजनीतिक विवाद में बदल चुका है, जिसमें आगामी चुनावों की साफ़ झलक दिखाई देती है। जिसे बंगाल की फुटबॉल संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में पेश किया गया था, वही आयोजन अब अभिजात वर्ग के कब्ज़े,…
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मुर्शिदाबाद की बाबरी : क्या निशाने पर मस्जिद है या ममता बनर्जी का मुस्लिम वोट?

आफ़रीन हुसैन मुर्शिदाबाद में MLA हुमायूँ कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की “नींव-स्थापना” की घोषणा ने बंगाल की राजनीति में अचानक भारी हलचल पैदा कर दी। लेकिन असली मुद्दा मस्जिद का नहीं—मस्जिद के बहाने वोटों की राजनीति का है। यही वजह है कि इस पूरे मामले को धार्मिक भावना से अधिक, ममता बनर्जी के पारंपरिक…
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एसआईआर में चौंकाने वाला खुलासा: लाखों मतदाता ‘गायब’ या ‘फर्जी’ मिले

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटने की आशंका सामने आई है। चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक ड्राफ्ट सूची से 54 लाख 59 हजार 541 नाम बाहर होने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा उन मतदाताओं का है जिनकी मृत्यु हो…
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तमिल राजनीति में हलचल! पूर्व मंत्री सेंगोट्टैयन टीवीके में शामिल—विजय ने दी बड़ी जिम्मेदारी?

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला, जब एआईएडीएमके के निष्कासित वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन ने तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) का दामन थाम लिया। अभिनेता से नेता बने और टीवीके के संस्थापक विजय ने उन्हें पार्टी कार्यालय पनयूर में…
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क्या भारत की अल्पसंख्यक आबादी को हाशिये पर धकेला जा रहा है?

एक ऐसी लंबी श्रृंखला के सवाल—जिनके जवाब देने की हिम्मत कोई नहीं करता (आफरीन हुसैन) जिस दिन यह साफ़ होने लगा कि भारत में अल्पसंख्यकों पर दबाव बढ़ रहा है, उसी दिन एक और बात भी स्पष्ट हो गई एक ऐसा पैटर्न बन रहा है जिसे बहुत से लोग मानने तक को तैयार नहीं। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली…
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