एसआईआर में चौंकाने वाला खुलासा: लाखों मतदाता ‘गायब’ या ‘फर्जी’ मिले

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटने की आशंका सामने आई है। चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक ड्राफ्ट सूची से 54 लाख 59 हजार 541 नाम बाहर होने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा उन मतदाताओं का है जिनकी मृत्यु हो चुकी है—ऐसे मृत मतदाताओं की संख्या 23 लाख 71 हजार 239 बताई गई है।

बाकी नामों में वे लोग शामिल हैं जिनका पता नहीं चल पा रहा, जो दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए हैं, या फिर आयोग की जांच में फर्जी पाए गए हैं। आयोग का कहना है कि यह संख्या अभी प्रारंभिक है। बीएलओ द्वारा घर-घर बांटे गए फॉर्म और प्राप्त जानकारी के आधार पर ये आंकड़े तैयार किए गए हैं। फॉर्मों की अंतिम गणना के बाद हटने वाले नामों की कुल संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।

इस बीच राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने राज्य में दो नई नियुक्तियां भी की हैं। वंदना पोखरियाल को संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है, जो पहले हावड़ा नगर निगम की कमिश्नर थीं। वहीं दिव्या मुरुगेशन को भी इसी पद पर नियुक्त किया गया है; वे इससे पहले हावड़ा की अतिरिक्त जिलाधिकारी थीं।

राज्य में 4 नवंबर से घर-घर इन्यूमरेशन फॉर्म बांटे जा रहे हैं और 11 दिसंबर फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में कुल मतदाता संख्या 7 करोड़ 66 लाख 37 हजार 529 है। 27 अक्टूबर 2025 की अंतिम ड्राफ्ट सूची आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तविक रूप से कितने नाम हटाए जाएंगे।

 

 

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