आधा भारत ‘लू’ की चपेट में: केंद्र ने पूरे देश को Alert Mode पर रखा
भारत पिछले 75 वर्षों की सबसे भीषण लू का सामना कर रहा, उत्तर भारत के कई हिस्सों में पारा पैंतालीस डिग्री के पार जा चुका, बांदा में तापमान सैंतालीस दशमलव छह डिग्री पहुंचने से पुराने सभी रिकॉर्ड हुए ध्वस्त, दिल्ली के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए विशेष कोल्ड रूम तैयार…
-आशीष सिंह, नई दिल्ली।
India इस समय पिछले 75 वर्षों की सबसे भीषण लू का सामना कर रहा है। अप्रैल 2026 की यह गर्मी केवल एक मौसमी बदलाव नहीं है, बल्कि Climate change की एक खतरनाक दस्तक है जिसने दशकों के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से में पारा 45 Degree Celsius के स्तर को पार कर चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इस संकट की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे देश में ‘Health Alert’ घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे लू से होने वाली बीमारियों और मौतों को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम करें।
गर्मी का सबसे वीभत्स रूप Uttar Pradesh में देखने को मिल रहा है। राज्य का बांदा जिला इस समय देश का सबसे तप्त इलाका बन चुका है, जहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। अप्रैल के महीने में इतना अधिक तापमान पिछले कई दशकों में कभी दर्ज नहीं किया गया। बांदा के अलावा झांसी, आगरा और प्रयागराज जैसे शहरों में भी पारा 44 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है।
बुंदेलखंड के इलाकों में गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और स्थिति ऐसी है कि इसे ‘हीट कर्फ्यू’ कहा जा रहा है। यूपी सरकार ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है और अस्पतालों में ORS, ग्लूकोज और जरूरी दवाओं का स्टॉक इमरजेंसी मोड में रखने के आदेश दिए हैं।
देश की राजधानी दिल्ली में भी स्थिति गंभीर है, लेकिन यहां सरकार ने इस बार एक नई और आधुनिक रणनीति अपनाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लागू किए गए ‘हीट एक्शन प्लान 2026’ के तहत दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में विशेष ‘कोल्ड रूम्स’ स्थापित किए गए हैं। इन कमरों में Heat Stroke के मरीजों के इलाज के लिए ‘आइस बाथ’ और ठंडे बेड की व्यवस्था की गई है, ताकि मरीज के शरीर का तापमान तुरंत कम किया जा सके।
दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए दोपहर के समय काम करने पर पाबंदी लगा दी है और उन्हें पानी व सुरक्षा किट मुहैया कराई जा रही है।
केंद्र सरकार ने इस बार लू की निगरानी के लिए तकनीक का सहारा लिया है। ‘इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म’ के जरिए देश भर से लू के मरीजों का Data Real-Time में इकट्ठा किया जा रहा है। सभी 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग ने हालांकि अगले कुछ दिनों में धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है, जिससे तापमान में दो-तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है, लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए होगी।
आने वाले मई और जून के महीनों के लिए विभाग ने और भी भीषण गर्मी की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। इस बार सरकार का एकमात्र लक्ष्य गर्मी के कारण होने वाली जनहानि को शून्य पर लाना है।