एसआईआर, सुप्रीम कोर्ट और ‘परफेक्ट टाइमिंग’ की राजनीति
आफरीन हुसैन
जब एक मुख्यमंत्री यह घोषणा करे कि वह “बंगाल में एसआईआर को खून की नदियाँ बहने देकर भी लागू नहीं होने देंगी”, और फिर उसी एसआईआर के लगभग अंतिम चरण में पहुँचने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएँ तो यह सवाल सिर्फ कानूनी नहीं रह जाता, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक बन जाता है।
ममता बनर्जी…
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