जिनेवा: 12 फरवरी 2026 को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले राजनीतिक अशांति से जूझ रहे बांग्लादेश में पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की हत्या दर्ज की गई है। वह इस वर्ष दुनिया भर में मारे जाने वाले पहले पत्रकार बन गए हैं। वैश्विक मीडिया सुरक्षा और अधिकार संगठन प्रेस एम्ब्लेम कैंपेन (PEC) ने बैरागी (45) की गोली मारकर हत्या की कड़ी निंदा की है और दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत सजा दिलाने के लिए गहन जांच की मांग की है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण बांग्लादेश के जेसोर इलाके के अरुआ गांव निवासी बैरागी को 5 जनवरी 2026 को तीन बदमाशों ने सिर में गोली मार दी। बंगाली अखबार दैनिक बीडी खबर के संपादक बैरागी का शव कोपालिया बाजार में मिला, जहां उनका गला भी रेता हुआ पाया गया। केशबपुर उपजिला के एक हिंदू स्कूल शिक्षक के पुत्र बैरागी कोपालिया बाजार में बर्फ बनाने की फैक्ट्री भी चलाते थे।
PEC के अध्यक्ष ब्लेज़ लेम्पेन ने ढाका में अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस से अपील की है कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में व्यक्तिगत रुचि लें।
PEC के दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया प्रतिनिधि नव थकुरिया ने बताया कि मुस्लिम बहुल यह देश हाल के सामाजिक-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है। 17 करोड़ से अधिक आबादी वाले इस देश में हाल के समय में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा धार्मिक अल्पसंख्यक परिवारों पर हमले भी हुए हैं।
पिछले वर्ष बांग्लादेश में पांच मीडिया कर्मियों की हत्या हुई थी—
असदुज्ज़मान तुहिन (दैनिक प्रतिदिनेर कागोज),
बिभूरंजन सरकार (आजकेर पत्रिका),
वाहेद-उज़-ज़मान बुलु (दैनिक आजकेर कागोज),
खांदाहार शाह आलम (दैनिक मातृजगत) और
इमदादुल हक़ मिलन (बरतमान समय)।