देहरादून। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मुद्दे पर पार्टी को घेरा। उन्होंने कांग्रेस की हल्द्वानी रैली को फ्लॉप बताते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है।
महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश में भर्ती घोटालों की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि दरोगा भर्ती और पटवारी भर्ती से जुड़े घोटालों के मामले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आए थे। उन्होंने सरकारी विभागों में नौकरियां बेचने का भी आरोप कांग्रेस पर लगाया।
भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। उनके मुताबिक, जब भी पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आईं, सरकार ने दोबारा परीक्षा कराकर अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह कानून दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि आंकड़े बताते हैं कि धामी सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार मिला है। उन्होंने कांग्रेस से पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीति करने के बजाय अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखने की अपील की।
कांग्रेस की हल्द्वानी रैली पर भी भट्ट ने निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने ऐसा स्थान चुना था, जहां बड़ी भीड़ जुटाई जा सके, लेकिन पार्टी की उम्मीद के मुताबिक जनसमर्थन नहीं मिला। हालांकि, रैली को लेकर भाजपा के इस दावे पर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।
भट्ट ने आरएसएस को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में केवल कांग्रेस की भूमिका नहीं थी, बल्कि देश के लोगों ने मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रहित के बजाय कई बार राजनीतिक अवसरों को प्राथमिकता दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी देश की पुरानी समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम कर रही है।