बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का सबसे बड़ा दिन आ गया है। राज्य की 243 सीटों पर हुए दो चरणों के मतदान के बाद आज मतगणना शुरू हो चुकी है और देर रात तक नतीजों के स्पष्ट होने की उम्मीद है। पूरे राज्य की निगाहें इस बार के जनादेश पर टिकी हुई हैं, क्योंकि 2,616 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य इसी रात तय होना है।
सुबह आठ बजे से 38 जिलों में बनाए गए 46 मतगणना केंद्रों पर काउंटिंग शुरू हुई। प्रारंभिक चरण में डाक मतपत्रों की गिनती जारी है, जिसके बाद आधे घंटे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के वोट खोले जाएंगे। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। हर मतगणना स्थल पर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध है और पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी व वीडियोग्राफी से निगरानी की जा रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, पूरे राज्य में 243 मतगणना प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। हर काउंटिंग हॉल में 15 टेबलें लगाई गई हैं, जिनमें से 14 पर ईवीएम की गिनती शुरू हो चुकी है। सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रत्येक टेबल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है—पहले में केंद्रीय अर्धसैनिक बल, दूसरे में बिहार सैन्य पुलिस और तीसरे स्तर पर जिला पुलिस बल तैनात है।
राजनीतिक हलचल भी अपने चरम पर है। एग्जिट पोल में एनडीए (राजग) को भारी बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। जेडीयू, भाजपा, लोजपा (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के गठजोड़ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा है। उनका मुकाबला कांग्रेस नीत महागठबंधन से है, जिसमें आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव की साख भी दांव पर लगी है। यह चुनाव उनके राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
इस बार रिकॉर्ड 67.13% मतदान ने समीकरणों को और रोचक बना दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि महिलाओं और युवाओं का वोट निर्णायक भूमिका में हो सकता है। पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने बताया कि जिले की मोकामा सीट का परिणाम सबसे पहले आएगा, जबकि दीघा सीट का रिजल्ट सबसे देर से आने की संभावना है।