देहरादून। देहरादून को एचआईवी/एड्स मुक्त जिला बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में ‘मिशन एड्स सुरक्षा’ अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम को और अधिक मजबूत एवं परिणामकारी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए समय पर जांच, सही परामर्श और प्रत्येक जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच बेहद जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार कर जागरूकता और रोकथाम अभियान को तेज किया जाए।
डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के हाई रिस्क क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जीआईएस (GIS) मैपिंग कराई जाए। इससे संवेदनशील इलाकों में लक्षित अभियान चलाकर जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी ढंग से पहुंचाए जा सकेंगे। उन्होंने विशेष रूप से सेक्स वर्कर्स, ट्रांसजेंडर समुदाय, इंजेक्टिंग ड्रग यूजर्स, वाहन चालकों और प्रवासी (माइग्रेंट) आबादी के बीच जागरूकता, काउंसलिंग और समय पर एचआईवी जांच बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिले के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में 85,065 लोगों की एचआईवी जांच की गई। इनमें 583 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। सभी संक्रमित व्यक्तियों को तत्काल एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) केंद्रों से जोड़कर परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और भेदभाव मुक्त वातावरण भी आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संगठनों और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रशासन का लक्ष्य है कि समय पर जांच, उपचार और जागरूकता के माध्यम से देहरादून को एचआईवी संक्रमण के खिलाफ एक सुरक्षित और जागरूक जिला बनाया जाए।