नैनीताल के गांव खेराड में भूस्खलन, गांव के 30 में से 23 परिवार विस्थापित

नैनीताल। नैनीताल जनपद के दूरस्थ अमगढ़ी गांव के तोक खैराड़ में
रविवार शाम मूसलाधार बारिश के बाद बड़ा भूस्खलन हो गया। यहां
भयावह तरीके से हुए भूस्खलन में तीन मकानों के मलबे में दबने, एक
महिला का पैर टूटने और ग्रामीणों की फसल बर्बाद होने की सूचना है।
गांव में लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव के 30 में से 23 परिवारों को
गांव से पांच किलोमीटर दूर राजकीय इंटर कॉलेज में शरण लेनी पड़ी है।
नैनीताल के एसडीएम प्रतीक जैन के निर्देश पर प्रशासनिक टीम को मौके पर नुकसान का जायजा लेने हेतु भेज दिया गया है। विस्थापित परिवारों को लगातार राहत किट पहुंचाई जा रही है। भूस्खलन के कारण गांव वाले दहशत में हैं। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों के भवन का निर्माण कराने के साथ ही सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन की मांग उठाई है।

खैराड़ तोक के ऊपर की पहाड़ी पर बड़ा भूस्खलन

अमगढ़ी की ग्राम प्रधान गंगा नैनवाल व प्रधान प्रतिनिधि गणेश नैनवाल ने बताया कि गांव में करीब 30 परिवार रहते हैं। यहां पहले से भूस्खलन हो रहा है। इस कारण गांव के 20 परिवार पहले ही विस्थापित होकर गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में रह रहे हैं। रविवार शाम गांव में जोरदार बारिश के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे खैराड़ तोक के ऊपर की पहाड़ी पर बड़ा भूस्खलन हो गया। भूस्खलन का मलबा गांव की ओर आया और तीन लोगों जीवानी राम, चंदन राम व नीमा देवी के मकान मलबे में दब गए। जबकि नीमा देवी नाम की महिला का पैर टूट गया। उसे उपचार के लिए रामनगर के चिकित्सालय भेजा गया है। बचाव कार्य में जगत प्रकाश, चनी राम, प्रेम राम, आनंद दानी, मोहन दानी पूरन मेहता आदि ने योगदान दिया।

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