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संपादकीय

संघ बदल रहा है!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने पिछले दिनों आरक्षण के समर्थन में बयान देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने संविधान प्रदत्त आरक्षण को तब तक जारी रखने को कहा जब तक कि दलित वर्गों को समाज में बराबरी का दर्जा नहीं मिल जाता। मोहन भागवत ने माना कि हिंदू समाज के उच्च वर्गों यानी…
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सर्वश्रेष्ठ राज्य बनेगा उत्तराखंड!

उत्तराखंड (Uttarakhand) को नए राज्य का दर्जा मिले करीब 22 साल पूरे हो गए हैं। उत्तराखंड के साथ ही छत्तीसगढ़ और झारखंड इन दिनों को नए राज्य के रूप में केंद्र ने अपनी मंजूरी दी थी। यह सच है कि अलग राज्य बनने के बाद से तीनों ही राज्य अपने हिसाब से निरंतर तरक्की कर रहे हैं। जहां तक सवाल उत्तराखंड का है,…
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हिमालय की सुध लेगी सरकार!

लगातार हो रही त्रासदियों से ना लोग सीख रहे हैं और ना ही सरकार। पहाड़ का पर्यावरण हमारे देश की राजनीति के विमर्श का विषय कभी नहीं रहा। समय-समय पर होने वाली बड़ी त्रासदियां राजनीतिक दलों के ल्धिर्मपाल धनखड़ाए वोट बटोरने का हथियार जरूर बनती हैं।                           धर्मपाल धनखड़      देश ने…
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पर्यावरण के अनुकूल हो विकास

हिमालयी क्षेत्र में विकास के नाम पर हो रही विनिर्माण गतिविधियों, हाइड्रो पावर प्रोजेक्टस, लंबे चौड़े राजमार्गों के निर्माण, पहाड़ों के अवैध खनन और जंगलों की कटाई, टूरिज्म और अत्यधिक धार्मिक टूरिज्म  की होड़ ने समूचे हिमालय के इकोसिस्टम को बुरी तरह प्रभावित किया है.. धर्मपाल धनखड़ हिमालयी राज्यों…
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वार में वो धार नहीं

रणविजय सिंह बागेश्वर उप चुनाव (Bageshwar by-election) में क्या होगा। इससे दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के नेता वाकिफ हैं। राजनीति में तो हार जीत लगा ही रहता है। प्लस-माइनस के बिना कहीं की भी राजनीति नहीं चलती है। उत्तराखंड (Uttarakhand ) में बागेश्वर उप चुनाव होने को हैं। भाजपा (BJP) ने दिवंगत…
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अब 2024 पर नजर

रणविजय सिंह लोकसभा चुनाव (Lok Sabha elections)  वर्ष 2024 के शुरू  में होंगे। भाजपा और कांग्रेस  दोनों ही देश की राष्ट्रीय पार्टियां हैं और दोनों आगामी लोकसभा चुनाव(Lok Sabha elections) की तैयारियों में जुट गई हैं। चुनाव परिणाम क्या होंगे। अभी इस पर टिप्पणी करना काफी जल्दीबाजी होगी। हां, इतना…
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संसद में खत्म हो गतिरोध

संसद चलाने की जितनी जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की है, उतनी ही प्रतिपक्ष की। लेकिन अनावश्यक हठधर्मिता के चलते देश की जनता ने जिस काम के लिए सांसदों को चुना है, वो ही नहीं हो रहा है। प्रतिपक्ष के शोर-शराबे के बीच तमाम जरूरी विधेयक बिना चर्चा के पास किये जा रहे हैं। इस सत्र में मणिपुर के संवेदनशील मसले पर…
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छठे साल में चाणक्य मंत्र की एंट्री

रणविजय सिंह आपकी प्रिय पत्रिका "चाणक्य मंत्र" ने 5 साल का पूरा सफर पूरा कर लिया है। अब यह पत्रिका छठवें साल में एंट्री कर चुकी है। अतीत में जाने के बजाय हमें भविष्य की बात करनी चाहिए। हां, अतीत को कम शब्दों में समेटना ही बेहतर होगा क्योंकि पत्रिका के समक्ष सुनहरा भविष्य दिखाई पड़ रहा है। इतना…
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कांग्रेस में तेज होती गुटबाजी

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो गुटबाजी के पीछे वर्तमान कांग्रेस के प्रभारी देवेंद्र यादव कहीं न कहीं खड़े होते जरूर दिखाई पड़ते हैं। बीते विधान सभा चुनाव में उन्होंने यदि ईमानदार भूमिका निभाई होती तो आज कांग्रेस उत्तराखंड की सत्ता पर काबिज होती या फिर विपक्ष में भी होती तो कांग्रेस काफी सशक्त स्थिति…
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जीत का आधार: फ्री की योजनाएं, जहरीला प्रचार

धर्मपाल धनखड़ कर्नाटक में चुनावी जंग रोचक दौर में पहुंच गयी है। तमाम पार्टियों के महारथी पूरी ताकत के साथ जुटे हुए हैं। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों व अन्य नेताओं की भारी-भरकम फौज के साथ प्रचार…
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