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विचार

क्या भारत की अल्पसंख्यक आबादी को हाशिये पर धकेला जा रहा है?

एक ऐसी लंबी श्रृंखला के सवाल—जिनके जवाब देने की हिम्मत कोई नहीं करता (आफरीन हुसैन) जिस दिन यह साफ़ होने लगा कि भारत में अल्पसंख्यकों पर दबाव बढ़ रहा है, उसी दिन एक और बात भी स्पष्ट हो गई एक ऐसा पैटर्न बन रहा है जिसे बहुत से लोग मानने तक को तैयार नहीं। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली…
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प्रेरक कथा, अन्नदाता

वीके माहेश्वरी बाल्यकाल से यही पढ़ाया गया है, सिखाया गया है, सुनाया गया है कि, भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है। भारत के सत्तर प्रतिशत नागरिक खेती करते हैं। किसान ही सबका अन्नदाता है। बचपन में महाकवि घाघ जो कि आकाश का रंग, हवा की दिशा एवं पक्षियों की आवाज से मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगा लेते थे और…
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हरिद्वार में मां संस्कृत और बेटी हिंदी का संगम, साहित्यकारों ने दी सारस्वत सम्मान की अनुभूति

देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र नगरी हरिद्वार के **गंगा तट पर एक अनोखा सांस्कृतिक संगम** देखने को मिला। इस अवसर पर **मां संस्कृत की गोद में बेटी हिंदी** ने कदम रखा और विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के रूप में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी परिसर में आयोजित वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह में भाग लिया। इस…
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ट्रंप साहब फिर हुए ‘SAD!’ — नोबेल शांति पुरस्कार से दूर रह गईं उनकी गोल्डन उम्मीदें!

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार । हर साल की तरह इस साल भी नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हुई, और हमेशा की तरह इस बार भी डोनाल्ड ट्रंप साहब की सुनहरी उम्मीदें धरी की धरी रह गईं। दुनिया में “सबसे बड़े डीलमेकर” कहलाने वाले ट्रंप इस बार भी **‘शांति’ वाले नोबेल** से चूक गए। लेकिन उनका अंदाज़ हमेशा की…
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Gen-Z का माजरा क्या है

अमित नेहरा नेपाल सरकार का तख्तापलट, राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस, दिल्ली विश्वविद्यालय में चुनाव और हाल ही में लेह-लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन। इन सभी घटनाओं में एक शब्द छाया रहा है। वह शब्द है Gen-Z. ये Gen-Z क्या है और इसे किस तरह बोलते हैं, इसका सही उच्चारण क्या है, समाज…
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ब्लड मून का अद्भुत नजारा: कब और कैसे देखें बिना टेलिस्कोप के?

भोपाल। रविवार की रात आसमान में एक बेहद खास और रोमांचक खगोलीय घटना होने जा रही है। इस रात चंद्रमा लाल तामिया रूप में दिखाई देगा, जिसे आमतौर पर **ब्लड मून** कहा जाता है। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह अवसर बेहद खास है, क्योंकि यह वर्ष 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण होगा और 2022 के बाद का…
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सबसे बड़ा गुरु तो स्वयं परमात्मा शिव है,जो हमे हर रोज़ पढ़ाते है

डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एक ऐसी अनूठी आध्यात्म ज्ञान और चरित्र निर्माण की  शिक्षण संस्था  है जहां प्रतिदिन स्वयंं परमात्मा ही पढ़ाते है।जो पाठ प्रतिदिन ब्रह्माकुमारीज के 140 देशों में फैले साढ़े आठ हजार सेवा केंद्रों पर परमात्म निमित्त भाई बहनों…
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अफवाह फैलाने वालों पर हाईकमान लेगा एक्शन

प्रधानमंत्री मोदी को नड्डा और शाह ने दिया फीडबैक मिथ्या प्रचार करने वाले भाजपाई सकते में -ममता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार   नई दिल्ली/देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेश दौरे से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उत्तराखंड, गुजरात…
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इधर आफत, उधर सियासत

मुट्ठीभर भाजपाई मुख्यमंत्री के खिलाफ लामबंद! सियासी दांव पेंच के बीच भी सीएम धामी आपदा प्रभावितों की सुध लेने में जुटे -ममता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार। नई दिल्ली/ देहरादून। कई मंचों पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी के बीच शानदार बॉन्डिंग बताती है कि उन्हें पीएम मोदी का आशीर्वाद प्राप्त…
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कॉफी में कॉकरोच: मिथक, हकीकत और एक कप की कहानी

प्रस्तुति: सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार सुबह की शुरुआत हो या दोस्तों के साथ गपशप, कॉफी हर पल को और खास बनाती है। लेकिन हाल ही में एक अफवाह ने कॉफी प्रेमियों को चौंका दिया: "क्या कॉफी में काकरोच होते हैं?" यह सवाल सोशल मीडिया पर तैर रहा है, जिसने कई लोगों के मन में शंका पैदा कर दी। आइए, इस…
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