रात में बार-बार लगती है प्यास? शरीर दे रहा इन गंभीर समस्याओं का संकेत

गर्मियों के मौसम में कई लोगों को रात के समय बार-बार प्यास लगने और मुंह सूखने की परेशानी होती है। यह समस्या सामान्य लग सकती है, लेकिन कई बार यह शरीर के अंदर चल रहे असंतुलन का संकेत भी हो सकती है। लगातार मुंह सूखने से नींद प्रभावित होती है और अगले दिन थकान, कमजोरी व एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक तनाव, देर रात मसालेदार और तला-भुना भोजन करना इस समस्या के प्रमुख कारण हैं। ज्यादा नमक और तीखे मसालों वाला खाना शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ाता है, जिससे रात में बार-बार प्यास लगती है। वहीं मधुमेह, स्लीप एपनिया और कुछ दवाओं का सेवन भी मुंह सूखने की वजह बन सकता है।

आयुर्वेद में इस समस्या को वात और पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा गया है। वात बढ़ने से शरीर में रूखापन आता है, जबकि पित्त बढ़ने पर शरीर में गर्मी और जलन महसूस होती है। इन दोनों के असंतुलन का असर पाचन तंत्र और शरीर की नमी पर पड़ता है, जिससे बार-बार प्यास लगने लगती है।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुलेठी इस समस्या में काफी लाभदायक होती है। रात में मुलेठी का छोटा टुकड़ा चूसने से मुंह में नमी बनी रहती है और लार बनने की प्रक्रिया बेहतर होती है। इसके अलावा नारियल पानी शरीर को ठंडक देने के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी पूरी करता है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है।

त्रिफला के पानी से कुल्ला करना भी फायदेमंद माना जाता है। यह मुंह के रूखेपन को कम करने के साथ मौखिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। वहीं सीमित मात्रा में घी का सेवन शरीर में आंतरिक नमी बनाए रखने और पाचन को मजबूत करने में मदद करता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।

 

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