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विचार

कॉफी में कॉकरोच: मिथक, हकीकत और एक कप की कहानी

प्रस्तुति: सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार सुबह की शुरुआत हो या दोस्तों के साथ गपशप, कॉफी हर पल को और खास बनाती है। लेकिन हाल ही में एक अफवाह ने कॉफी प्रेमियों को चौंका दिया: "क्या कॉफी में काकरोच होते हैं?" यह सवाल सोशल मीडिया पर तैर रहा है, जिसने कई लोगों के मन में शंका पैदा कर दी। आइए, इस…
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इतनी कम तनख्वाह में प्रधान सेवक अपना खर्च कैसे चलाते हैं?

 विष्णु नागर प्रधान सेवक जी को देश की चिंता रहती है और मुझे उनकी! मेरी चिंता यह है कि बेचारे दो लाख तैंतीस हजार की मामूली-सी तनख्वाह में अपना अकेले का खर्च कैसे चलाते होंगे? गूगल जी बताते हैं कि प्रधान सेवक जी को मासिक वेतन और भत्ते के रूप में कुल 2.33 लाख रुपए मिलते हैं। एक आदमी जो 18-18…
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सरकार को नयी जनता तो चुनने दो यारो!

राजेंद्र शर्मा इन विरोधियों ने क्या अति ही नहीं कर रखी है। बताइए, मोदी जी पर एक पैसे की धांधली का इल्जाम गोदी मीडिया के दरबार में साबित नहीं कर पाए, तो खामखां बेचारे के चुनाव आयोग के ही पीछे पड़ गए। गला फाड़-फाड़ कर सोशल मीडिया पर शोर मचा रहे हैं कि बिहार में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के…
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भागवत जी, आप भी…!

  राजेंद्र शर्मा ये क्या अपने मोदी साहब के साथ सरासर चीटिंग नहीं है? माने चीटिंग हो नहीं गयी है? मोदी साहब के साथ चीटिंग इतनी ही आसान है क्या? मोदी साहब जब तक खुद न चाहें, उनके साथ चीटिंग कर जाए, इतनी किस में हिम्मत है। फिर भी चीटिंग की कोशिश तो है। बताइए, मास्टर स्ट्रोक मोदी जी की खास निशानी है…
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भागवत जी के नाम मोदी का खुला खत

विष्णु नागर माननीय भागवत जी, अब तो आपने सबके सामने इशारे-इशारे में कह दिया है कि अगले 17 सितंबर को अपने 75 वें जन्मदिन पर मुझे झोला लेकर चल देना है। 75 की शाल ओढ़ कर मुझे दरकिनार हो जाना है, दूसरों को मौका देना है। बहुत खूब कहा। बहुत ऊंची सोच है आपकी। लगता है आपकी पतंग आजकल काफी ऊपर उड़ रही…
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हनीमून : एकला चोलो रे !

प्रकाश सहाय, वरिष्ठ पत्रकार घोर कलियुग में शहद और चांद के साथ राहु केतु मंगल शनि सब के सब नीच राशि में योग बना कर धमा चौकड़ी मचाने लगे हैं... नक्षत्र गोचर एकदम हाहाकारी बन गए हैं...मधुमास में श्राद्ध मास तीसरे भाव में चुपके से प्रवेश कर गया है ...असर दिखने लगा है .. हनी ललका छोटका मिर्चाई जैसा…
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आतंकवाद, युद्ध और हिंदुत्वपरस्त राष्ट्रवाद

 जवरीमल्ल पारख ‘पुलवामा के बाद बालाकोट पर हुई ज्यादा बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक ने भी आतंकवादी हमलों पर रोक नहीं लगायी बल्कि उरी और पुलवामा से बड़ा हमला कश्मीर के पहलगाम में हुआ। ऐसा प्रतीत होता है कि सर्जिकल स्ट्राइक का मक़सद आतंकवादी हमलों को रोकना नहीं है बल्कि हमला करने वालों को सज़ा देना है। यानी…
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ईरान-इजराइल तनाव में मिसाइल तकनीक, परमाणु खतरा और प्रॉक्सी युद्ध की भूमिका

सत्यनारायण मिश्र वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक नई दिल्ली। मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक शांति के लिए एक गंभीर चुनौती बन रहा है। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता, परमाणु कार्यक्रम की प्रगति, और प्रॉक्सी युद्धों की रणनीति ने क्षेत्र को युद्ध की कगार पर ला खड़ा किया है।…
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एक चुटकी सिन्दूर की कीमत तुम क्या जानो नरेन बाबू!

 बादल सरोज अंततः खुद उन्हीं ने इसका प्रमाण भी प्रस्तुत कर दिया है कि वे सचमुच में नॉन-बायोलॉजिकल हैं, अपौरुषेय हैं। सबसे पहली बार उन्होंने चौबीस के लोकसभा चुनाव के पहले चराचर मनुष्य जगत के समक्ष यह रहस्य उदघाटित किया था कि वे सामान्य प्राणियों की भांति जन्मे नहीं है, बल्कि स्वयं परमात्मा…
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