पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसके चलते बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
कारोबार शुरू होते ही बीएसई का सेंसेक्स 718.41 अंक लुढ़ककर 75,672.98 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 भी 207 अंक की गिरावट के साथ 23,662.70 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में कमजोरी का असर बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों पर भी दिखाई दिया।
निफ्टी 50 में एटर्नल, श्रीराम फाइनेंस और बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.63 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.62 प्रतिशत कमजोर होकर कारोबार कर रहे थे। निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता घटने से अधिकांश सेक्टर दबाव में नजर आए।
इससे पहले गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 363.66 अंक टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 126.66 अंक फिसलकर 23,869.60 के स्तर पर पहुंच गया था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी निवेशकों की चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई है।
आज बाजार की नजर अप्रैल-जून तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित करने वाली कई बड़ी कंपनियों पर भी रहेगी। इन कंपनियों के नतीजे न केवल उनके शेयरों की दिशा तय करेंगे, बल्कि पूरे बाजार की चाल को भी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में निवेशकों की निगाहें वैश्विक घटनाक्रम के साथ-साथ कॉरपोरेट आय पर भी टिकी हुई हैं।