समारोह को संबोधित करते हुए महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि किसी भी विभाग की कार्यप्रणाली को सुचारु रूप से संचालित करने में प्रत्येक कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी विभागीय व्यवस्था की मजबूत कड़ी होते हैं। उन्होंने कहा कि रईस अहमद ने लगभग तीन दशक तक पूरी निष्ठा, लगन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और कार्यशैली अन्य कार्मिकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
तिवारी ने कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन किसी कर्मचारी का अनुभव, व्यवहार और विभाग के प्रति उसका योगदान हमेशा याद रखा जाता है। सेवानिवृत्त कार्मिक अपने कार्यकाल के दौरान अर्जित अनुभव और समर्पण से विभाग की अमूल्य धरोहर बनते हैं। उन्होंने रईस अहमद के स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने रईस अहमद के साथ बिताए कार्यकाल के अनुभव साझा किए। सभी ने उनके व्यवहार, सहयोग और कार्य के प्रति समर्पण की सराहना की। समारोह के दौरान उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। आत्मीय माहौल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सहकर्मी और परिजन भावुक नजर आए।
कार्यक्रम में अपर निदेशक आशीष त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक नितिन उपाध्याय, उप निदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनिया, बद्री चंद सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और रईस अहमद के परिजन मौजूद रहे।
सूचना कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कैलाश रावत, उपाध्यक्ष प्रशांत रावत, संजय कुमार, महामंत्री अंकित चौहान, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार धीमान और संयुक्त मंत्री पारूल चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
