बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान नवंबर में आयोजित होने वाले टी महोत्सव की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में हनी पॉलिसी की लॉन्चिंग और मुख्यमंत्री समृद्धि योजना के संबंध में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा।
गणेश जोशी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे और क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
कृषि मंत्री ने किसानों के हितों और आजीविका संवर्धन के लिए काम कर रही निजी संस्थाओं के साथ भी बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाओं के अनुभव, संसाधनों और प्रयासों का उपयोग किसानों के हित में किया जाना चाहिए। इससे किसान हितैषी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ कृषि क्षेत्र में नए अवसर भी विकसित किए जा सकेंगे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं और कार्यक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। बैठक में सचिव कृषि एसएन पांडेय, निदेशक कृषि दिनेश कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
