राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों का एकीकरण था। सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व के बल पर सैकड़ों रियासतों को एकजुट करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से एक मजबूत और अखंड भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उनका योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक विशेष अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के संकल्प को दोहराने का दिन भी है। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश की सबसे बड़ी विशेषता यहां की अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और जीवनशैलियां हैं। यही विविधता देश की ताकत और विशिष्ट पहचान है।
राज्यपाल ने कहा कि सभी नागरिकों को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। आपसी सद्भाव, भाईचारे और सहयोग की भावना से ही राष्ट्र की एकता को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे जाति, भाषा, क्षेत्र और संस्कृति के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें। देश की एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरदार पटेल के आदर्शों और विचारों को अपनाकर ही मजबूत, समरस और एकजुट भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
