कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने गंगा और उसकी सहायक नदियों को निर्मल बनाए रखने के लिए समिति के सदस्यों से सुझाव भी मांगे और उन्हें कार्ययोजना में शामिल करने पर चर्चा की।
बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गंगोत्री धाम के शेष भवनों को सीवर सुविधा से जोड़ने, जोशियाड़ा के वार्ड संख्या 8 और 9 तथा गंगोरी क्षेत्र में सीवर निर्माण कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके अलावा हर्षिल, झाला और मुखवा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और प्रस्तावों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने पंचायतों और नगर निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ एंटी-लिटरिंग प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने तथा धार्मिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने, नदियों में गिरने वाले नालों की सफाई और व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने पर जोर दिया। साथ ही नगर निकायों को घर-घर से नियमित कूड़ा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संकलन तथा उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखना केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
