मुख्य सचिव ने सम्मेलन की प्रस्तावित रूपरेखा की समीक्षा करते हुए कहा कि इसमें देश और विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे प्रवासी उत्तराखंडियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रवासियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और विशेषज्ञता से अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाई है। उनके अनुभव और सुझाव राज्य के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन में पूरे देश का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों को आमंत्रित किया जाए। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से युवाओं को सम्मेलन से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें सफल प्रवासियों के अनुभवों, नवाचारों और कार्यशैली से सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
बैठक में सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के पंजीकरण, उद्घाटन सत्र की रूपरेखा और विशिष्ट प्रवासी अतिथियों के संबोधन को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही विभिन्न विषयों पर आयोजित होने वाले सत्रों के लिए पैनलिस्ट चयन और कार्यक्रम की समयावधि पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य सचिव ने सांस्कृतिक संध्या, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि सम्मेलन का आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
सम्मेलन के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य से जोड़ने और उनके ज्ञान, अनुभव तथा विशेषज्ञता का प्रदेश के विकास में उपयोग करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
