अहमदाबाद। इंडिगो ने घरेलू उड़ानों के किराए और कई अतिरिक्त सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी कर यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। एयरलाइन ने दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए शिशु किराया 1,000 रुपये बढ़ा दिया है। अब माता-पिता को गोद में बच्चे के साथ यात्रा करने के लिए 2,000 रुपये के बजाय 3,000 रुपये चुकाने होंगे। खास बात यह है कि शिशु के लिए विमान में अलग सीट उपलब्ध नहीं कराई जाती।
एयरलाइन के इस फैसले का असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जो छोटे बच्चों के साथ हवाई यात्रा करते हैं। यात्रा की बुकिंग के दौरान शिशु की जानकारी देना अनिवार्य रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल 10 लाख से अधिक शिशु अपने माता-पिता के साथ हवाई सफर करते हैं। ऐसे में शिशु किराए में बढ़ोतरी से एयरलाइन की कमाई में भी इजाफा होने का अनुमान है।
इंडिगो देश में प्रतिदिन करीब 1,850 घरेलू उड़ानों का संचालन करती है। शिशु किराए में बढ़ोतरी से एयरलाइन को सालाना करीब 90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान जताया गया है।
इंडिगो ने केवल शिशु किराए में ही बदलाव नहीं किया है। घरेलू उड़ानों में निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाने पर भी यात्रियों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। अतिरिक्त सामान का शुल्क 700 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 800 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यात्री निर्धारित सीमा से पांच किलोग्राम अधिक सामान लेकर यात्रा करता है तो उसे पहले की तुलना में 500 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। यानी टिकट के अलावा अतिरिक्त सामान का खर्च भी यात्रियों के बजट पर असर डालेगा।
किराए और सेवाओं के शुल्क में इन बढ़ोतरी के बाद घरेलू हवाई यात्रा की कुल लागत बढ़ सकती है। खासकर छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों और अधिक सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

