गाजा। पश्चिमी गाजा शहर में बुधवार तड़के एक छह मंजिला रिहायशी इमारत ढहने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 11 बच्चे और छह महिलाएं शामिल हैं। हादसे में 25 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। यह इमारत पहले इजराइली बमबारी में क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और इसमें करीब 100 विस्थापित लोग रह रहे थे।
रिपोर्ट के अनुसार, अल-सादा नाम की इमारत कभी फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल होती थी। इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव दल ने करीब 16 घंटे तक अभियान चलाया। इस दौरान 45 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 21 शव बरामद किए गए। करीब 35 लोग किसी तरह खुद मलबे से बाहर निकलने में सफल रहे।
हादसे के बाद बड़ी संख्या में मृतकों और लापता लोगों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। कई लोग राहत दल के पास पर्याप्त उपकरण नहीं होने के बीच अपने हाथों से मलबा हटाकर अपनों की तलाश करते नजर आए। अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में एक ही परिवार के करीब 10 लोग शामिल हैं।
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि बचाव कार्यों के लिए जरूरी भारी मशीनरी और उपकरणों को गाजा में लाने पर इजराइल की ओर से लगाई गई पाबंदियों के कारण अभियान प्रभावित हो रहा है। हमास द्वारा संचालित मीडिया कार्यालय के अनुसार, गाजा पट्टी में 8,500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में दबे होने की आशंका है।
मीडिया कार्यालय ने भारी मशीनरी की कमी को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि हजारों क्षतिग्रस्त इमारतें अब भी खतरा बनी हुई हैं। 2,000 से अधिक रिहायशी इमारतों के ढहने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने युद्धविराम की गारंटी देने वाले देशों से बचाव उपकरणों को गाजा पहुंचाने में मदद करने की अपील की है।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब युद्धविराम के उल्लंघन के आरोपों के बीच हमास और इजराइल के बीच बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।