मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और विकास कार्यों में आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों और जनसहभागिता से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान कमजोर वर्ग के पात्र लाभार्थियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही किसानों को बीज वितरित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ गोष्ठियां आयोजित कर जल संरक्षण, कृषि विकास और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर चर्चा की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में जल स्रोतों का संरक्षण और वर्षा आधारित खेती को प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। अभियान के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को इन विषयों के प्रति जागरूक करते हुए स्थानीय स्तर पर ठोस प्रयासों को बढ़ावा दिया जाएगा।
‘जल-कृषि समृद्धि अभियान’ के तहत कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना, ग्रीन एजी (जैफ-6) परियोजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जलागम घटक 2.0 तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (सारा) की विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से जल संसाधनों के संरक्षण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। अभियान से प्रदेश में जल संरक्षण और कृषि विकास के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

