निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कक्षा एक में नामांकित 60 प्रतिशत से अधिक छात्र निर्धारित मानकों के विपरीत थे। इस स्थिति को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने विद्यालय में विद्यार्थियों से संबंधित व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए हैं।
निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन (एमडीएम) व्यवस्था में भी अनियमितताएं सामने आईं। सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस योजना में खामियां मिलने पर विभाग ने नाराजगी जताई है।
प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण में मिली अनियमितताओं के संबंध में संबंधित विद्यालय को नोटिस जारी किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन से सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके साथ ही व्यवस्थाओं में पाई गई कमियों को लेकर जवाबदेही भी तय की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विद्यालय की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई से सरकारी विद्यालयों में व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है। विभाग की ओर से स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की स्थिति और मध्याह्न भोजन योजना के संचालन पर निगरानी रखने की बात कही गई है।

