मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर मंगलवार को साफ दिखाई दिया। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने आईटी और रियल्टी शेयरों में बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स करीब 260 अंक टूटकर 77,468.44 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 52 अंक की गिरावट के साथ 24,234.75 पर कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी-50 के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। आईटी क्षेत्र में इंफोसिस समेत कई कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो आईटी और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा कमजोर नजर आए। इसके विपरीत निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा ने बाजार की व्यापक गिरावट के बीच अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसका असर शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ सकता है।
तकनीकी स्तर पर बाजार विशेषज्ञों ने निफ्टी के लिए 24,150 को तत्काल सपोर्ट बताया है। वहीं 24,450 से 24,500 के बीच का स्तर अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है। उनका कहना है कि बाजार में स्थायी सुधार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव कम होना महत्वपूर्ण होगा।
गौरतलब है कि सोमवार को भी घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट रही थी। सेंसेक्स करीब 281 अंक, जबकि निफ्टी 78 अंक से अधिक टूटा था। इस गिरावट और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों की संपत्ति में करीब 79,000 करोड़ रुपये की कमी आई थी। लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में निफ्टी का कमजोर रहना बाजार में सतर्कता बढ़ा रहा है।