उत्तरकाशी। वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों की स्मृति में शुक्रवार को जिला मुख्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की उपस्थिति में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन के दौरान दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभाजन के दौर में लोगों द्वारा झेली गई कठिनाइयों, विस्थापन और पीड़ा को याद किया। इस मौके पर उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई, जिन्हें वर्ष 1947 के दौरान अपने घर, जमीन और परिचित परिवेश को छोड़कर विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन के दौरान प्रभावित हुए लोगों की स्मृतियों को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को उस दौर की त्रासदी से अवगत कराना रहा। अधिकारियों ने कहा कि इतिहास के ऐसे कठिन अध्यायों को याद करना जरूरी है, ताकि समाज में आपसी सद्भाव, एकता और भाईचारे की भावना मजबूत बनी रहे।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मौन रखकर विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों की पीड़ा को स्मरण किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी देवानंद शर्मा, बृजेश कुमार तिवारी समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से वर्ष 1947 की उन घटनाओं को याद किया जाता है, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों को हिंसा, विस्थापन और सामाजिक उथल-पुथल का सामना करना पड़ा था। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भी इसी ऐतिहासिक पीड़ा को स्मरण करते हुए प्रभावित लोगों के प्रति सम्मान और संवेदना प्रकट की गई।