देहरादून। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों के लिए गौरव भारती शिक्षा संस्थान को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने सराहा है। शुक्रवार को लोक भवन में संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रतिभाग किया और पौधरोपण भी किया। यह कार्यक्रम संस्था द्वारा वर्ष 2011 से अब तक 1 लाख 25 हजार पौधों के रोपण का महत्वपूर्ण लक्ष्य पूरा करने के अवसर पर आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने संस्था की इस उपलब्धि को पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक सहभागिता और जन-जागरूकता का बेहतर उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए केवल सरकारी स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने पौधरोपण के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनके नियमित संवर्धन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
राज्यपाल ने कहा कि पौधे लगाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहला कदम है, लेकिन उनकी देखभाल और उन्हें पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने गौरव भारती शिक्षा संस्थान के अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने वाला प्रयास बताया।
संस्था के अध्यक्ष एस.पी. सिंह ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में लगाए गए पौधे केवल संस्थान परिसर तक सीमित नहीं हैं। संस्था की ओर से दून घाटी के विभिन्न गांवों, बस्तियों, विद्यालयों, सड़कों के किनारे, मंदिर परिसरों और लोगों के घरों के आंगनों में भी पौधरोपण किया गया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना रहा है।
कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से टेबेबुइया को देहरादून का ‘स्मृति वृक्ष’ घोषित करने का सुझाव भी दिया गया। साथ ही स्मृति पौधरोपण के लिए इस प्रजाति को निर्धारित किए जाने की बात रखी गई।
कार्यक्रम में गौरव भारती शिक्षा संस्थान के चेयरमैन एस.पी. सिंह, एसबीएस यूनिवर्सिटी के मैनेजर जोरावर सिंह, शिक्षक एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता आलोक उल्फत, पूर्व हॉकी कोच एवं पर्यावरणविद् पी.के. मेहरिशी और चार्टर्ड अकाउंटेंट जसविंदर सिंह सूडान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।