लोहे की फेंसिंग में फंसा विशालकाय हाथी, 5 घंटे बाद ऐसे बची जान

कर्नाटक के कनकपुरा तालुक स्थित अरेकोप्पा गांव के पास एक जंगली हाथी उस समय मुसीबत में फंस गया, जब वह खेतों से भोजन करने के बाद वापस कावेरी वन्यजीव अभ्यारण्य लौट रहा था। रेलवे फेंसिंग के संकरे हिस्से से गुजरने की कोशिश में हाथी लोहे के बैरिकेड्स के बीच बुरी तरह फंस गया। करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग ने गैस कटर की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी रात के समय भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर आसपास के खेतों में पहुंचा था। सुबह करीब 6:45 बजे जब वह वापस जंगल लौट रहा था, तब उसने रेलवे फेंसिंग के एक संकरे गैप से निकलने का प्रयास किया। यह रास्ता सामान्यतः मवेशियों के आने-जाने के लिए इस्तेमाल होता था, लेकिन विशालकाय हाथी का शरीर बीच में ही लोहे के पाइपों में फंस गया। वह न आगे बढ़ सका और न ही पीछे लौट पाया।

काफी देर तक हाथी की चिंघाड़ सुनने के बाद खेतों में पहुंचे किसानों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही कावेरी वन्यजीव अभ्यारण्य के उप वन संरक्षक जगन्नाथ एनएच और सहायक वन संरक्षक नागेंद्र प्रसाद एस के नेतृत्व में कई वन रेंजों की टीमें मौके पर पहुंचीं। बैनरघट्टा एलीफेंट टास्क फोर्स के पशु चिकित्सक डॉ. किरण और डॉ. गिरीश भी अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ रेस्क्यू अभियान में शामिल हुए।

हाथी को सुरक्षित निकालने के लिए सबसे पहले उसे ट्रैंक्विलाइज़र देकर शांत किया गया। इसके बाद गैस कटर की मदद से लोहे की फेंसिंग को सावधानीपूर्वक काटा गया। करीब दोपहर 12 बजे तक चले इस अभियान के बाद हाथी को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।

रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों ने हाथी की स्वास्थ्य जांच की और उसे विटामिन तथा हाइड्रेशन सप्लीमेंट दिए। आवश्यक उपचार के बाद हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर रवाना कर दिया गया। वन विभाग ने बताया कि लंबे समय तक फंसे रहने के बावजूद हाथी को कोई गंभीर चोट नहीं आई और उसकी हालत पूरी तरह सामान्य है। अधिकारियों ने इसे सफल और संवेदनशील रेस्क्यू अभियान बताया।

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