सऊदी की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, हूतियों के दावे से बढ़ा तनाव

सना/रियाद। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी लाल सागर तट पर स्थित जिजान में सऊदी अरामको की तेल रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। हूती मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई यमन के सादा और हज्जाह प्रांतों में कथित हवाई क्षेत्र उल्लंघन के जवाब में की गई।

हूती समाचार एजेंसी सबा ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि संगठन ने कई ड्रोन के जरिए जिजान स्थित अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाया। हालांकि, हमले से रिफाइनरी को कितना नुकसान हुआ, इसका तत्काल पता नहीं चल पाया है। किसी के हताहत होने की भी फिलहाल कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हूतियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के खिलाफ हमले तेज करने के साथ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा भी की है। सऊदी अरब लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है। अतीत में उसने हूती ठिकानों के खिलाफ सैन्य अभियान भी चलाए हैं।

हूती संगठन इससे पहले सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों को भी निशाना बनाने के दावे करता रहा है। हाल के दिनों में सऊदी तेल टैंकरों और यमनी सरकारी बलों पर हमलों की खबरों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

हमले के दावे के बाद संयुक्त राष्ट्र ने क्षेत्रीय तनाव को लेकर चिंता जताई है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से यमन व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में और अधिक उलझ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव के बीच इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर तेल प्रतिष्ठानों और समुद्री मार्गों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दबाव पड़ने की आशंका रहती है।

उल्लेखनीय है कि हूतियों ने पिछले महीने ईरान के एक विमान के यमन की राजधानी सना में उतरने का स्वागत किया था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और आपसी हमलों का सिलसिला तेज होने की बात सामने आई है।

 

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