नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश के विकास और निर्यात को नई गति देने के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए बड़े अवसर लेकर आए हैं। गुरुवार को नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन समझौतों से भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे निर्यात बढ़ाने और नए बाजारों में प्रवेश करने के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा ताकि वे वैश्विक व्यापार में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें। भारत ने हाल के समय में यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, ओमान और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को आगे बढ़ाया है, जबकि अमेरिका के साथ भी वार्ता जारी है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि “महिला नेतृत्व में विकास” विकसित भारत के विजन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि कृषि, स्टार्टअप, विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। राज्यों को महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि जनसांख्यिकीय लाभांश एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसे गंवाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकास और पर्याप्त रोजगार अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
नीति आयोग के अनुसार, इस वर्ष की बैठक का विषय “2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया है। यह थीम हर भारतीय के समग्र विकास और कल्याण पर केंद्रित है, चाहे उसकी उम्र, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो। सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों को साथ लेकर विकसित भारत के सपने को साकार करना है।