After Header-1

उत्तराखंड में बारिश का कहर, 150 गांवों का टूटा संपर्क, राहत के लिए हेलीकॉप्टर तैनात

उत्तराखंड में मानसून का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तस्वीर पेश कर रहा है। जहां रुद्रप्रयाग जिले में मौसम सामान्य होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं राज्य के कई अन्य जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भूस्खलन और सड़कें टूटने से 150 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में युद्धस्तर पर जुटी हैं।

रविवार को रुद्रप्रयाग में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। हल्के बादलों के बीच अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ और जखोली क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से अलकनंदा और मंदाकिनी सहित सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बहती रहीं। राष्ट्रीय राजमार्ग खुले हैं और केदारनाथ यात्रा भी सुचारू रूप से जारी है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों की छह सड़कें मलबा आने के कारण बंद हैं, जिन्हें खोलने का कार्य जारी है।

दूसरी ओर, देहरादून सहित कई जिलों में लगातार हो रही बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जबकि कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें, पुल और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों तक राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना चुनौती बन गया है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और मोबाइल नेटवर्क ठप होने से लोगों का संपर्क भी टूट गया है।

स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत अभियान तेज कर दिया है। जहां सड़क मार्ग उपलब्ध नहीं हैं, वहां एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पैदल राहत सामग्री पहुंचा रही हैं। अत्यधिक दुर्गम इलाकों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुएं भेजी जा रही हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है, क्योंकि साफ की गई सड़कों पर दोबारा मलबा आ रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ लगातार काम कर रही हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.