मीडिया को ‘पावरफुल’ नहीं, ‘पर्पजफुल’ बनाने पर जोर

देहरादून। ब्रह्माकुमारी संस्था के मीडिया एवं जनसंपर्क प्रभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन-2026 के उद्घाटन सत्र में देशभर से जुटे पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों ने सकारात्मकता, शांति, सद्भावना तथा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली जिम्मेदार पत्रकारिता का संकल्प लिया। ‘श्रेष्ठ विश्व के निर्माण हेतु सशक्त मीडिया’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में मीडिया की बदलती भूमिका और तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर व्यापक चर्चा हुई।

मीडिया विंग के अध्यक्ष राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि भारत के विश्व गुरु बनने की यात्रा में मीडिया को सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनना होगा। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ विश्व के निर्माण के लिए मीडिया का उद्देश्यपूर्ण और जिम्मेदार होना जरूरी है। उन्होंने पत्रकारों से व्यस्त दिनचर्या में समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करने का आह्वान किया, ताकि वे स्वयं शांति का अनुभव कर समाज तक भी सकारात्मक संदेश पहुंचा सकें।

मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला दीदी ने सम्मेलन की शुरुआत एक मिनट के मौन और मेडिटेशन से कराई। राष्ट्रीय समन्वयक बीके निकुंज भाई ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक ने मीडिया की क्षमता बढ़ाई है, लेकिन सकारात्मक और सशक्त मन के बिना तकनीक समाज में वास्तविक सुख-शांति स्थापित नहीं कर सकती। उन्होंने मीडिया को ‘पावरफुल’ के साथ ‘पर्पजफुल’ बनाने का सामूहिक संकल्प कराया।

मुख्य वक्ता प्रो. मानसिंह परमार ने कहा कि युद्ध और हथियारों की होड़ के बीच दुनिया को प्रेम, शांति और सद्भावना की जरूरत है। उन्होंने मानव को बेहतर बनाने को श्रेष्ठ विश्व निर्माण की पहली सीढ़ी बताया। वहीं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संजय द्विवेदी ने कहा कि मीडिया का काम केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाना भी है।

भारत न्यूज नेटवर्क के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. सरफराज सैफी ने मीडिया को लोकतंत्र की ‘धड़कन’ बताते हुए तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता पर जोर दिया। न्यूज इंडिया नेटवर्क के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ राणा यशवंत ने कहा कि एआई, मशीन लर्निंग और साइबर वॉर के दौर में मीडिया की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

जयपुर सब-जोन की प्रभारी बीके सुषमा दीदी ने राजयोग मेडिटेशन कराया। कार्यक्रम में ओडिसी नृत्य और पुनीत इस्सर के स्वागत गान ने भी आकर्षण बढ़ाया। इस दौरान ‘मूल्यनिष्ठ मीडिया’ त्रैमासिक पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन किया गया।

समारोह में बीके निकुंज भाई की पुस्तक ‘Echoes of Soul’ और रुड़की के वरिष्ठ पत्रकार एवं एडवोकेट डॉ. श्रीगोपाल नारसन की पुस्तक ‘वरदान है उपभोक्ता कानून’ का भी विमोचन हुआ। आयोजन में योगदान देने वाले शांतनु भाई ने अतिथियों का सम्मान किया, जबकि संजय मराठे ने अतिथियों को छत्रपति शिवाजी महाराज की फ्रेम भेंट कर सम्मानित किया।

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