रेयर-अर्थ कॉरिडोर और नए जलमार्ग: बजट ने खोले विकास के नए रास्ते

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए एमएसएमई सेक्टर को बड़ी राहत देने का ऐलान किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने 10 हजार करोड़ रुपये का **एमएसएमई ग्रोथ फंड** बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे छोटे और मझोले उद्योगों को विस्तार, नवाचार और रोजगार सृजन में मजबूती मिलेगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब इसे आगे बढ़ाते हुए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में **रेयर-अर्थ कॉरिडोर** स्थापित करने में सहायता दी जाएगी। इससे देश में महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता बढ़ेगी और रणनीतिक क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर देते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास लगातार जारी रखेगी। इससे शहरीकरण के दबाव को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन भी सुनिश्चित होगा।

उन्होंने बताया कि हाई-वैल्यू और टेक्नोलॉजी-एडवांस्ड **कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट** की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना लाई जाएगी। इसमें आग बुझाने के उपकरण, लिफ्ट, एक्सकेवेटर और टनल बोरिंग मशीन जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल होंगी।

बजट में **मेगा टेक्सटाइल पार्क** स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे वस्त्र उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके। वहीं खादी और हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए **महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल** शुरू करने की घोषणा की गई है।

पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में 20 नए **अंतर्देशीय जलमार्ग** शुरू किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इसके अलावा वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम भी विकसित किया जाएगा।

 

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