केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था ने स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, निरंतर विकास और नियंत्रित महंगाई के साथ अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का परिणाम है, जो सरकार ने वैश्विक अनिश्चितताओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद किए।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक सिद्धांत मानते हुए सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत किया है और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इसके साथ-साथ जरूरी आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की हर नीति और निर्णय का उद्देश्य आम नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाना रहा है।
सीतारमण के अनुसार, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, परिवारों की क्रय शक्ति बढ़ाने और नागरिकों को सार्वभौमिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई संरचनात्मक सुधार किए गए। इन उपायों के चलते देश को करीब 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई, जिससे गरीबी घटाने और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाने के लिए वित्त मंत्री ने छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों का प्रस्ताव रखा। इनमें सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार, ‘चैंपियन एमएसएमई’ विकसित करना, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देना, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना तथा शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास शामिल है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर व्यापार, बहुपक्षवाद और सप्लाई चेन को लेकर चुनौतियां बढ़ रही हैं। नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं, जबकि पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे माहौल में भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा, जहां महत्वाकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन रखा जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार **इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0** लॉन्च करेगी और तकनीक व कुशल कार्यबल के विकास के लिए उद्योग-आधारित रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर फोकस करेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दी थी।