डीएम मयूर दीक्षित की दो टूक: दोबारा नहीं आनी चाहिए वही शिकायत, लापरवाही पर कार्रवाई तय

हरिद्वार जिले में प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 87 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 42 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण और पेयजल से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। फरियादियों ने पेयजल संकट, अवैध कब्जों, भूमि कम होने, बीपीएल और अन्त्योदय कार्ड से मिलने वाले राशन के दुरुपयोग तथा घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग जैसी गंभीर शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को पूरी गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाए कि एक ही शिकायत दोबारा जनसुनवाई में न आए। यदि समय पर निस्तारण योग्य शिकायत लंबित पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल के माध्यम से शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग डी.के. सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी अजय कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भण्डारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, एआरटीओ नेहा झा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं।

 

 

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