देश के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने सियासी माहौल को बेहद रोमांचक बना दिया है। जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ रही है, राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं।
पश्चिम बंगाल में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। रुझानों में दोनों ही दल 100 के आंकड़े को पार करते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर सत्ता में वापसी कर जीत का चौका लगाने की कोशिश में हैं, वहीं बीजेपी भी राज्य में पहली बार सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। खास बात यह है कि बंगाल में इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है, जो 92 फीसदी से अधिक बताया जा रहा है।
भवानीपुर सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प है, जहां ममता बनर्जी का सीधा सामना विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से है। राज्य की कुल 294 सीटों में से 293 सीटों के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं, जबकि एक सीट पर पुनर्मतदान होना बाकी है।
वहीं असम में बीजेपी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है। राज्य की 126 सीटों के लिए मतदान हो चुका है और यहां 85 फीसदी से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई थी। बीजेपी जहां लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस भी सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है।
तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके अपनी बढ़त बनाए हुए है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में पार्टी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। हालांकि इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, क्योंकि अभिनेता थलापति विजय की नई पार्टी टीवीके भी मैदान में उतर चुकी है, जिससे चुनाव और रोचक हो गया है। राज्य की 234 सीटों पर मतदान हुआ था और यहां रिकॉर्ड 85.14 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई।
केरल में भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। 140 सीटों वाले इस राज्य में पी विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार को कड़ी चुनौती मिल रही है। शुरुआती रुझानों में यूडीएफ को बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं बन रही हैं। यहां 78.27 फीसदी मतदान हुआ था।
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हैं। 30 सीटों वाले इस क्षेत्र में एन रंगास्वामी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है। यहां लगभग 90 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।
कुल मिलाकर, पांच राज्यों के चुनाव नतीजे देश की राजनीति की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। जहां कुछ राज्यों में सत्ता बरकरार रहने के संकेत हैं, वहीं कुछ जगहों पर बदलाव की आहट भी साफ सुनाई दे रही है।