आज रात आकाश में दिखेगा अद्भुत नजारा, 100 से ज्यादा उल्काओं की होगी बारिश

खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए आज की रात बेहद खास और रोमांचक होने जा रही है। रविवार की रात आकाश में चमकदार उल्काओं की जबरदस्त आतिशबाजी देखने को मिलेगी। दरअसल, आज साल की सबसे शानदार उल्का वर्षा ‘जेमिनिड उल्कापात’ (Geminid Meteor Shower) अपने चरम पर होगी, जिसमें प्रति घंटे 100 से अधिक उल्काएं आकाश में चमकती हुई नजर आ सकती हैं।

मध्य प्रदेश की नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखने का सबसे अच्छा समय रविवार रात लगभग 9 बजे से लेकर भोर तक रहेगा। इस दौरान साफ और खुले आकाश में उल्काएं चमकदार रेखाओं के रूप में दिखाई देंगी।

उन्होंने बताया कि यह उल्का वर्षा मिथुन यानी जेमिनी तारामंडल की दिशा से आती हुई प्रतीत होगी, इसी कारण इसका नाम जेमिनिड उल्कापात रखा गया है। खास बात यह है कि अधिकांश उल्का वर्षाएं किसी धूमकेतु (कॉमेट) से जुड़ी होती हैं, लेकिन जेमिनिड उल्कापात का संबंध एक क्षुद्रग्रह 3200 फेथॉन से है। यह एस्ट्रॉइड सूर्य की परिक्रमा लगभग 1.4 वर्ष में पूरा करता है।

जब पृथ्वी दिसंबर के महीने में इस क्षुद्रग्रह द्वारा छोड़ी गई धूल और चट्टानी कणों के क्षेत्र से गुजरती है, तो ये कण पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में प्रवेश करते ही जलने लगते हैं। यही जलते हुए कण हमें उल्का बौछार के रूप में दिखाई देते हैं। आम भाषा में लोग इन्हें ‘टूटते तारे’ कहते हैं, जबकि असल में तारे करोड़ों किलोमीटर दूर होते हैं। उल्काएं पृथ्वी से लगभग 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर जलती हैं, इसलिए इन्हें टूटता तारा कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।

कैसे और कहां देखें उल्कापात
जेमिनिड उल्कापात देखने के लिए किसी विशेष उपकरण जैसे टेलिस्कोप या बाइनाकुलर की आवश्यकता नहीं होती। शहर की तेज रोशनी से दूर किसी सुरक्षित और अंधेरी जगह का चयन करें। वहां पहुंचकर आंखों को अंधेरे के अनुरूप ढलने के लिए करीब 20 मिनट दें। रात 9 बजे के बाद उत्तर-पूर्व दिशा की ओर नजर रखें। यदि आकाश साफ और बादल रहित रहा, तो आप इस खगोलीय नजारे का आनंद खुली आंखों से ले सकेंगे।

 

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