सऊदी अरब में सोमवार को हुए एक दिल दहला देने वाले हादसे ने भारत, खासकर तेलंगाना में शोक की लहर दौड़ा दी है। मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की बस मदीना के पास एक डीज़ल टैंकर से टकरा गई, जिसके कुछ ही सेकंड बाद बस में भयंकर आग लग गई। स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस हादसे में कम से कम 42 लोगों की जलकर मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मारे गए अधिकांश यात्री भारतीय बताए जा रहे हैं, जिनमें हैदराबाद के कई लोग शामिल हैं।
तेलंगाना सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए भारत सरकार और सऊदी अरब में भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखा है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली स्थित संबंधित अधिकारियों को अलर्ट पर रहने और पूरे मामले की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि बस मक्का से मदीना जा रही थी, तभी यह भीषण दुर्घटना हुई। ओवैसी ने तुरंत केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जानी चाहिए और यदि कोई घायल है तो उनके इलाज में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि उन्होंने रियाध स्थित भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अबू मैथन जॉर्ज से बातचीत की है। दूतावास अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे स्थानीय प्रशासन से पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। ओवैसी ने हैदराबाद की दो ट्रैवल एजेंसियों से संपर्क कर यात्रियों का पूरा डेटा भी दूतावास और विदेश सचिव को भेज दिया है।
घटना के बाद भारतीय दूतावास ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है और पीड़ितों के परिजनों से संपर्क साधने का कार्य शुरू हो चुका है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर आवश्यक समन्वय स्थापित कर रहे हैं, ताकि पीड़ित परिवारों को शीघ्र सहायता मिल सके। इस दर्दनाक हादसे ने हजारों परिवारों को झकझोर दिया है, और सभी की निगाहें अब आधिकारिक पुष्टि और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।