नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के मेडिकल डिवाइस पार्क में अब पूर्वी एशिया के देशों की शीर्ष कंपनियां निवेश करने जा रही हैं। इस दिशा में तेजी से पहल शुरू हो चुकी है। आगामी 13 नवंबर को जापान की अगुवाई में विदेशी कंपनियों का एक प्रतिनिधिमंडल यमुना प्राधिकरण पहुंचेगा। इस दौरान पार्क के प्रशासनिक भवन में त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें करीब 20 विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य भारत और पूर्वी एशिया के बीच मेडिकल टेक्नोलॉजी और उपकरण निर्माण में सहयोग को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि मेडिकल एक्सीलेंस जापान के सीईओ केंजी शिबुया के नेतृत्व में आने वाला यह प्रतिनिधिमंडल मेडिकल डिवाइस पार्क का दौरा करेगा और संभावित निवेश अवसरों का आकलन करेगा।
बैठक में भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे ताकि दोनों पक्षों के बीच तकनीकी सहयोग और संयुक्त उत्पादन योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हो सके। ओएसडी भाटिया के अनुसार, मेडिकल एक्सीलेंस जापान, इकॉनमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ आसियान एंड ईस्ट एशिया तथा यमुना प्राधिकरण के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता (MoU) प्रस्तावित है।
इस समझौते के बाद न केवल जापान, बल्कि चीन, दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया, ताइवान और मंगोलिया जैसे देशों की कंपनियों के लिए भी निवेश के रास्ते खुलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पार्क में शोध और तकनीक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए जापान के सहयोग से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की “आस्का लैब” भी स्थापित की जाएगी।
यह पहल भारत को वैश्विक मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यमुना प्राधिकरण का दावा है कि आगामी वर्षों में यह पार्क देश में हजारों रोजगार अवसरों और विदेशी निवेश का प्रमुख केंद्र बनेगा।