लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस (Anti-Terrorist Squad) ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल डॉक्टर शाहीन के भाई डॉ. परवेज अंसारी को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि एटीएस ने लखनऊ, सहारनपुर और शामली समेत कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वर्तमान में डॉ. परवेज से एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. परवेज अंसारी ने वर्ष 2021 में गुडंबा स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में सीनियर रेजिडेंट के रूप में नौकरी शुरू की थी। लेकिन 6 नवंबर को अचानक इस्तीफा देकर गायब हो गया था। इससे पहले मंगलवार सुबह मड़ियांव के मुत्तकीपुर में एटीएस ने उसके घर पर छापा मारा था। घर खाली मिला, लेकिन पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कार, बाइक और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए, जिन्हें जांच एजेंसियों ने कब्जे में ले लिया।
जांच में यह बात सामने आई है कि डॉ. परवेज की बहन डॉ. शाहीन, जो फरीदाबाद से आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार की गई है, उसके साथ लगातार संपर्क में थी। दोनों के बीच घंटों फोन पर बातचीत होती थी, लेकिन कार्रवाई से दो दिन पहले परवेज ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था।
एटीएस ने शाहीन के पिता सईद अंसारी से भी पूछताछ की। उन्होंने बताया कि शाहीन डेढ़ साल से परिवार से संपर्क में नहीं थी। शाहीन पहले कानपुर के जीएसवी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थी, लेकिन 2013 से अचानक नौकरी छोड़ दी थी। बाद में वह फरीदाबाद में बस गई, जहां से वह जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के संपर्क में आई।
सूत्रों के अनुसार, शाहीन को महिला विंग “जमात-उल-मोमिनात” के लिए नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकी मुजम्मिल और शाहीन के बीच प्रेम संबंध थे। जब मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया, तो उसकी कार शाहीन के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसमें से एके-47 राइफल और कारतूस बरामद हुए।
अब एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसियों को उम्मीद है कि डॉ. परवेज से पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं।