पटना ।आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से मुलाकात के बाद बिहार में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। तेज प्रताप ने फोन पर अपने पिता और मांझी से बात भी कराई। इस खबर को बाहर आने के बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और कयासबाजी शुरू हो गई है ।
हालांकि मांझी ने मुलाकात और बातचीत के बारे में मीडिया को बताया कि यह बिल्कुल गैर राजनीतिक और विशुद्ध पारिवारिक मामला है। इस बातचीत के कोई राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। हम प्रमुख ने कहा कि राजनीति में मतभेद तो होता है लेकिन मनभेद नहीं । भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यहां पति-पत्नी, मां-बेटा और बिल्कुल के करीब के रिश्तों में भी लोग अलग-अलग पार्टियों में रह सकते हैं । राजनीति के क्षेत्र में नीचे से लेकर ऊपर तक ऐसे अनेकों उदाहरण हैं ।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव से उनका व्यक्तिगत और पारिवारिक सम्बन्ध है। इसके नाते ही उन्होंने लालू यादव-राबड़ी देवी को उनके विवाह की 48 वीं वर्षगांठ पर भी बधाई दी थी और अब श्री यादव के जन्मदिन पर भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
राजनीतिक संगठन बनाना चाहते तेजप्रताप
जीतन राम मांझी ने कहा कि लालू के जन्मदिन के मौके पर तेजप्रताप उनसे मिले आए। बकौल मांझी तेजप्रताप एक गैर राजनीतिक संगठन बनाना चाहते है जिसमें सभी दलों में वरिष्ठ नेताओं को जोड़ने की कोशिश है। साथ ही जब उनसे एनडीए में रहने को लेकर सवाल किया गया तो मांझी ने कहा कि एनडीए में न रहने का कौन सवाल है भाई। उन्होंने खुलकर इस पर अपनी बात कही। उधर तेजप्रताप ने भी बेहद सधे हुए अंदाज में मांझी को ‘अंकल’ बताया और कहा कि परिवार में मिलना-जुलना होता रहता है। वह अंकल से मार्गदर्शन लेने आते रहते हैं।
मांझी ने ट्वीट कर दी लालू को बधाई
मांझी ने कहा कि जब उन्होंने ट्वीट कर श्री लालू प्रसाद यादव को जन्मदिन पर बधाई दी तब उनके पुत्र तेज प्रताप यादव को लगा कि उन्हें आकर उनसे मुलाकात करनी चाहिए । इसलिए वे यहां आए और जब आए तो बहुत सी बातें भी हुईं। इसी दौरान उन्होंने कहा, पापा भी आपसे बात करना चाहते हैं। उन्होंने फोन मिलाकर लालू जी से बात कराई। इस बातचीत के दौरान उन्होंने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और उनके जल्द से जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तथा दीघार्यु होने की कामना की। इससे पहले श्री मांझी ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर ट्वीट कर जातीय आधार पर जनगणना कराने की मांग की । कुछ दिन पहले ही श्री लालू प्रसाद यादव ने भी जातीय आधार पर जनगणना कराने की मांग की थी । श्री मांझी ने ट्वीट कर कहा, वर्तमान स्थिति में देश की जनगणना आवश्यक है परन्तु कोरोना के कारण जनगणना कार्य को रोककर रखा गया है। देश में जब चुनाव हो सकतें हैं तो जनगणना से परहेज क्यों ।