देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या को लगभग तीन वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन अब तक न्याय न मिलने से जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

इसी आक्रोश के बीच मंगलवार को कांग्रेस ने धामी सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के युवा नेता रितेश छेत्री के नेतृत्व में यमुना कॉलोनी चौराहे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी के आवास का घेराव किया और स्पष्ट संदेश दिया कि सत्ता में रहकर चुप्पी साधना भी अपराध में भागीदार होने के समान है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सत्ता-संरक्षण, सबूत मिटाने और जांच को प्रभावित करने की साजिश का उदाहरण है।
इस अवसर पर रितेश छेत्री ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर किसके आदेश पर वीआईपी रिज़ॉर्ट को रातों-रात बुलडोज़र से ध्वस्त किया गया? किसके इशारे पर सबूत मिटाए गए, गवाहों को डराया गया और जांच को भटकाने की कोशिश की गई? उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि सत्ता से जुड़े किन प्रभावशाली चेहरों को बचाने के लिए अंकिता के न्याय की बलि दी गई।
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का नैतिक दायित्व था कि वे सरकार से जवाब मांगतीं, लेकिन उन्होंने भी राजनीतिक चुप्पी को प्राथमिकता दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्र न्यायालय की कार्यवाही में वीआईपी का उल्लेख हुआ है, तो फिर धामी सरकार अचानक इस मुद्दे पर मौन क्यों है? अंकिता की व्हाट्सएप बातचीत में जिस वीआईपी का जिक्र है, वह आखिर कौन है और सरकार उसे सामने लाने से क्यों बच रही है?
वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय शर्मा ने कहा कि धामी सरकार का पूरा कार्यकाल यह साबित करता है कि यह सरकार बेटियों की नहीं, बल्कि अपराधियों की सरकार बन चुकी है। वहीं पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने आरोप लगाया कि जब-जब भाजपा सत्ता में आई है, तब-तब अपराधियों को संरक्षण और पीड़ितों को केवल आश्वासन ही मिले हैं।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा, जब तक इस साजिश में शामिल हर प्रभावशाली व्यक्ति जेल के भीतर नहीं जाएगा, तब तक कांग्रेस का आंदोलन और अधिक उग्र, व्यापक और निर्णायक होता जाएगा। उन्होंने कहा कि धामी सरकार को याद रखना चाहिए कि इतिहास माफ नहीं करता और जनता कभी भूलती नहीं।
इस प्रदर्शन में लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य संजय शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पार्षद कोमल वोहरा, संगीता गुप्ता, जगदीश धीमान, राजकुमार जायसवाल, रामकुमार थपलियाल, दिनेश कौशल, प्रदीप जोशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा मौजूद रहे।