उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए।
यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग सभागार में आयोजित बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग की सभी सड़कों की स्थिति का आकलन करने और 13 वैकल्पिक मार्गों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में आवागमन प्रभावित न हो।
सतपाल महाराज ने यात्रा मार्ग पर स्थित स्थायी और अस्थायी शौचालयों की साफ-सफाई के उचित प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पेट्रोल पंपों और होटलों में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क शौचालय और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि मंदिरों के कपाट खुलने पर सबसे पहले विश्व शांति के लिए प्रार्थना की जानी चाहिए। इसके अलावा मंत्री ने भटवाड़ी, डबराड़ी और चडेथी जैसे क्षेत्रों में नदी के बढ़ते स्तर और सिल्ट जमा होने से सड़कों पर पड़ने वाले प्रभाव का भी जिक्र किया।
उन्होंने सिंचाई विभाग को समय रहते नदियों के चैनलाइजेशन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही ब्लैक स्पॉट की पहचान, संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग और प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को पूरा करने पर भी जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य यात्रा को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।