पंचायत अधिकारियों को मिला वित्तीय आज़ादी का मंत्र, जानिए दो दिन की खास कार्यशाला की बड़ी बातें

देहरादून, उत्तराखंड। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अधिकारियों द्वारा 18 दिसंबर 2025 को पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में देहरादून स्थित “द साल वुड रिट्रीट” में उत्तराखंड के समस्त सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वित्तीय साक्षरता और व्यक्तिगत वित्त से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को व्यवहारिक रूप से समझाना रहा।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए श्री संजीव माथुर, संस्थापक ‘मनी मंत्र’, ने आय, बचत और निवेश के संतुलन, वित्तीय लक्ष्य निर्धारण, बजट निर्माण और ऋण लेने से पहले विवेकपूर्ण निर्णय जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से बताया कि समय पर की गई छोटी-छोटी बचत और सही निवेश किस प्रकार दीर्घकालीन वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। इसके साथ ही मुद्रास्फीति के प्रभाव और चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति को भी व्यावहारिक ढंग से समझाया गया।

प्रशिक्षण सत्र में परिसंपत्ति आवंटन और विविधीकरण, जोखिम और प्रतिफल के संतुलन, पेंशन और बीमा की आवश्यकता तथा अप्रत्याशित परिस्थितियों से सुरक्षा के लिए आपातकालीन निधि के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को जोखिम प्रबंधन और भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं की योजना बनाने के व्यावहारिक तरीके बताए गए, ताकि वे अपने व्यक्तिगत जीवन में भी इन सिद्धांतों को लागू कर सकें।

वित्तीय योजना सत्र के अंतर्गत वास्तविक केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों को वित्तीय निर्णयों की गहरी समझ दी गई। केस स्टडी आधारित चर्चा से यह स्पष्ट किया गया कि किस प्रकार सैद्धांतिक ज्ञान को दैनिक जीवन की वित्तीय योजनाओं में प्रभावी रूप से अपनाया जा सकता है। इससे प्रतिभागियों को अपने भविष्य के लिए ठोस वित्तीय रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुख्य प्रबंधक श्री गौरव मोटवानी ने प्रतिभागियों को प्रतिभूति बाजार और उससे जुड़े विभिन्न निवेश उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने शेयर, इक्विटी, म्यूचुअल फंड, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ), बॉन्ड और अन्य ऋण साधनों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही प्रतिभूति बाजार की कार्यप्रणाली, निवेशकों की भूमिका, जोखिम-प्रतिफल संबंध और दीर्घकालीन निवेश के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

द्वितीय सत्र में निवेश प्रारंभ करने से पहले आवश्यक औपचारिकताओं पर चर्चा की गई। इसमें केवाईसी प्रक्रिया, बचत खाता, डीमैट खाता, ट्रेडिंग खाता और म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने की प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि सही जानकारी और दस्तावेजों के साथ निवेश को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कैसे किया जाए।

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी को ध्यान में रखते हुए उप महाप्रबंधक श्रीमती बाला कुमार ने साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने फिशिंग, पासवर्ड प्रबंधन, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार और डिजिटल लेन-देन में सतर्कता के उपाय बताए, जिससे प्रतिभागी स्वयं को और दूसरों को साइबर जोखिमों से सुरक्षित रख सकें।

कार्यशाला के पहले दिन पंचायतीराज विभाग से संयुक्त निदेशक जिला पंचायत अनुश्रवण कोष्ठक श्री राजीव कुमार नाथ त्रिपाठी, उप निदेशक श्री मनोज कुमार तिवारी सहित सेबी, एनएसई और अन्य संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण न केवल प्रशासनिक अधिकारियों की वित्तीय समझ को सुदृढ़ करेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर वित्तीय जागरूकता को भी नई दिशा देगा।

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