देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दून मेडिकल कॉलेज में रविवार को एक विशेष पथ संचालन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के 130 से अधिक विद्यार्थी पूर्ण गणवेश में शामिल हुए और अनुशासन, एकता तथा राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन दून मेडिकल कॉलेज परिसर में किया गया, जिसमें संघ से जुड़े कई वरिष्ठ स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक श्रीमान धनंजय जी ने अपने उद्बोधन में शाखा के महत्व, हिंदू समाज के एकीकरण, संगठन के उद्देश्य और समाज सेवा की भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि संघ की सौ वर्षों की यात्रा सेवा, अनुशासन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देती है। वक्ता ने समाज को धर्मांतरण और विघटनकारी प्रवृत्तियों से सतर्क रहने का आह्वान किया और उपेक्षित वर्गों की सेवा को सच्चा राष्ट्रधर्म बताया।
श्री धनंजय जी ने कहा कि “महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलकर ही भारत माता को विश्वगुरु और शांति का प्रतीक बनाया जा सकता है।” उन्होंने युद्धकाल, प्राकृतिक आपदाओं और संकट की घड़ी में संघ द्वारा किए गए सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम में प्रांत सह संपर्क प्रमुख डॉ. अभय जी, महानगर कार्यवाह सतेंद्र जी, महानगर विद्यार्थी प्रचारक देवराज जी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
पथ संचालन के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित पंक्तियों में कदम मिलाते हुए आगे बढ़कर समाज में एकता, आत्मबल और सेवा भाव का संदेश दिया। आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित थे।