बारिश बनी कहर: रोहतक से घुमारवीं जा रही बस पर गिरा पहाड़, मुख्यमंत्री सुक्खू और पीएम मोदी ने जताया शोक!
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के **भालूघाट इलाके में भूस्खलन की चपेट में आने से एक निजी बस पूरी तरह मलबे में दब गई**, जिससे अब तक **18 यात्रियों की मौत** की पुष्टि हो चुकी है। हादसा उस समय हुआ जब बस **हरियाणा के रोहतक से घुमारवीं** जा रही थी। बस में करीब **30 से 35 यात्री** सवार थे।
जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। **पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बस पर गिर पड़ा**, जिससे बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई यात्री मौके पर ही मारे गए। **बिलासपुर के एसपी और डीसी स्वयं मौके पर मौजूद** हैं और मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण इलाके में मिट्टी ढीली हो गई थी, जिसके चलते यह भूस्खलन हुआ।
**मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू** ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि, *“राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।”* मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को **बचाव अभियान में तेजी लाने और घायलों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराने** के निर्देश दिए हैं।
**प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी** ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए **एक्स (पूर्व ट्विटर)** पर लिखा, *“हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुई दुर्घटना में जनहानि से दुखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”*
वहीं, **राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू** ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा, *“भूस्खलन के कारण हुई बस दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूं।”*
स्थानीय लोगों ने बताया कि **इलाके में सोमवार से रुक-रुककर बारिश** हो रही है, जिससे सड़कें फिसलन भरी और जोखिमपूर्ण बनी हुई थीं। **एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार मलबा हटाने का प्रयास कर रही हैं**, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
यह हादसा एक बार फिर **हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के खतरे और बारिश के मौसम में यातायात की जोखिमपूर्ण स्थिति** को उजागर करता है।