जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। जयपुर ग्रामीण जिले के मौजमाबाद थाना क्षेत्र में जयपुर-अजमेर हाईवे पर एलपीजी गैस सिलेंडर से भरा ट्रक ट्रेलर की टक्कर के बाद पलट गया और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। आग लगते ही ट्रक में रखे एक-एक सिलेंडर धमाकों के साथ फटने लगे। धमाके इतने जोरदार थे कि उनकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। सिलेंडर के टुकड़े खेतों और सड़कों पर दूर-दूर तक जा गिरे, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद हड़कंप, ट्रैफिक बंद और रेस्क्यू जारी
दूदू एएसपी शिवलाल बैरवा ने बताया कि हादसा मौजमाबाद क्षेत्र के सावरदा पुलिया के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हाईवे के दोनों ओर ट्रैफिक रोक दिया गया है और एहतियातन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हैं, लेकिन सिलेंडरों की बड़ी संख्या होने के कारण आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
सात वाहन आग की चपेट में, कई घायल
बताया जा रहा है कि हादसे की चपेट में हाईवे से गुजर रहे सात वाहन आ गए और जलकर खाक हो गए। वहीं सिलेंडर ब्लास्ट से कई लोग घायल हुए हैं। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाकों की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के गांवों तक जमीन हिलती महसूस हुई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
ड्राइवर-खलासी लापता, जिंदा जलने की आशंका
घटना के बाद ट्रक चालक और खलासी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस को आशंका है कि दोनों ट्रक के अंदर ही जिंदा जल गए होंगे। फिलहाल उनकी तलाश जारी है। घटनास्थल पर धुएं का घना गुबार छा गया, जिससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, कलेक्टर और एसपी को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सतर्कता बरतने और राहत कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में केवल ट्रक चालक के हताहत होने की सूचना है, बाकी किसी अन्य वाहन सवार की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है।
हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें, यात्रियों से अपील
हादसे के चलते जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे फिलहाल इस रूट से यात्रा न करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। रातभर चली आग के बाद बुधवार सुबह तक दमकल विभाग आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटा रहा।
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि खतरनाक रासायनिक और गैस लदे वाहनों के परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना किया जा रहा है। फिलहाल घटना की जांच जारी है।