रामायण के रचयिता को नमन — वाल्मीकि मंदिर से निकली आकर्षक झांकियों वाली शोभायात्रा, देखें कार्यक्रम की झलक
देहरादून। भगवान महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मंगलवार को राजधानी देहरादून में श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर कांवली रोड स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शोभायात्रा कांवली रोड से गोविंदगढ़ और तिलक रोड होते हुए पुनः वाल्मीकि मंदिर पर आकर सम्पन्न हुई। यात्रा में भगवान वाल्मीकि और अन्य देवी-देवताओं से संबंधित आकर्षक झांकियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। शोभायात्रा के दौरान पूरे मार्ग में “जय वाल्मीकि” के उद्घोष गूंजते रहे और भक्तों ने फूल बरसाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कांग्रेस प्रदेश महामंत्री एवं राज्य आंदोलनकारी वीरेंद्र पोखरियाल, पूर्व विधायक राजकुमार, तथा वाल्मीकि समाज के वरिष्ठजन चौधरी मदन लाल, प्रधान श्याम सिंह और संजय शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर वीरेंद्र पोखरियाल ने वाल्मीकि समाज को जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने समाज को एकता, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को उनके विचारों और जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर समाज में समरसता लानी चाहिए।
पोखरियाल ने आगे कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य ‘रामायण’ न केवल भारतीय संस्कृति की आत्मा है, बल्कि जीवन के आदर्श मूल्यों की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज को गर्व होना चाहिए कि उनके पूज्य महर्षि ने पूरी मानवता को दिशा दी।
शोभायात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान नितिन चंचल, सोम प्रकाश वाल्मीकि, आशीष देसाई, मोहन काला, टीटू त्यागी, महिपाल शाह, संजय कनौजिया, ओमप्रकाश सती, सुलेमान भाई, कैलाश वाल्मीकि, राजेश चौधरी, अनिल बागड़ी, राहुल शर्मा, वंश चौधरी सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग उपस्थित रहे।