बैठक में आपदा के कारण अवरुद्ध सड़कों की जनपदवार स्थिति की समीक्षा की गई। विनय रुहेला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंद सड़कों को जल्द से जल्द आवागमन के लिए खोला जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बहाल होना प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता, राहत सामग्री की आपूर्ति और आमजन की आवाजाही के लिए बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति जल्द सुचारु की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा हुई। समिति के उपाध्यक्ष ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षात्मक और पुनर्निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने को कहा। जिन कार्यों के लिए शासन से स्वीकृति जरूरी है, उनके प्रस्ताव सभी औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव भेजने और स्वीकृति मिलने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
वहीं, लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए विभागों से मिलने वाले प्रस्तावों का तत्काल परीक्षण किया जाए। पात्र प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई हो, ताकि निर्माण कार्य बिना विलंब शुरू किए जा सकें।
उन्होंने अधिकारियों को क्षति के आकलन, प्रस्ताव तैयार करने और स्वीकृति की प्रक्रिया में बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभागवार नुकसान और पुनर्बहाली कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
