मुख्यमंत्री ने करीब नौ साल बाद शुरू हुई सिटी बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही श्रीनगर में स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से शहर में परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी और पर्यावरण अनुकूल यातायात व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ अभियान के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 2,01,530 रुपये के चेक वितरित किए। इसके अलावा 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनके आजीविका के साधनों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
धामी ने कहा कि श्रीनगर में शुरू की गई विकास योजनाएं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नगर निगम क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका, रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क, सड़क एवं नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क और पार्कों के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास कार्यों को नई गति मिली है। चारधाम को ऑलवेदर सड़क से जोड़ने और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम होने का लाभ श्रीनगर सहित पूरे क्षेत्र को मिलेगा। चारधाम यात्रा में बढ़ोतरी से स्थानीय लोगों की आजीविका और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर उन्होंने अखंड भारत की नींव मजबूत की थी। राष्ट्रीय एकता और अखंडता के उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति आत्मीय व्यवहार भी चर्चा का विषय रहा। कॉलेज गेट के पास विद्यार्थियों को देखकर वह प्रोटोकॉल छोड़कर वाहन से उतरे और बच्चों के बीच पहुंचकर उनका हालचाल जाना।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, विधायक भरत चौधरी, महापौर आरती भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया और मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
